
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद
पंकज कथूरिया बहादराबाद हरिद्वार
(उत्तराखंड)
Vande Bharat
February 15, 2026
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Mahashivratri 2026 Jal Time: आज यानी 15 फरवरी 2026 को महादेव का त्यौहार मनाया जा रहा है। पूरे देशभर में भगवार शिव की अराधना की जा रही है। इस पावन दिन पर शिवलिंग पर जलाभिषेक करने से व्यक्ति के पुराने से पुराने पाप धुल जाते हैं।मुख्य रूप से महाशिवरात्रि की पूजा रात के समय में की जाती है। रात को ही अध्यात्मिक रूप से फलदायी और बहुत ऊर्जावान माना गया है। ऐसे में अगर आप भी शिव मंदिर जाकर जल (Mahashivratri 2026 Jalabhishek Muhurt ) चढ़ाने की सोच रहे हैं तो बहुत जरूरी है कि आप जल चढ़ाने का सबसे उत्तम समय को जान लें, ताकि आपको पूरी तरह से पूजा का फल मिल सके।
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जलाभिषेक का सबसे मुख्य और श्रेष्ठ मुहूर्त Mahashivratri 2026 Jal Time
आपको बता दें कि महाशिवरात्रि की पूजा सबसे प्रभावी समय निशिता काल होता है। इसे मध्यरात्रि का मुहूर्त भी कहा जाता है। इस बार ये निशिता काल 15 फरवरी की देर रात यानी आज आधी रात के बाद 12:09 बजे से शुरू होकर 01:01 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्याताओं के हिसाब से यहीं वो समय है जब महादेव निराकार से साकार रूप में प्रकट हुए थे।
ऐसे में जो भी इस 52 मिनट के अंतराल में जलाभिषेक करता है उसे मंत्र जप करोड़ों गुना अधिक फल देता है।आपको बता दें कि जो भक्त इस निशिता काल में पूजा करता हैं, उसे भगवान की उसीम कृपा मिलती है। लेकिन एक बात का ध्यान रखें कि गंगाजल के साथ दूध और शहद का अर्पण विशेष रूप से करें।
महा शिवरात्रि 2026 चार प्रहर पूजा मुहूर्त (Maha Shivratri 2026 Char Prahar Puja Time)
रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय 06:11 पी एम से 09:23 पी एम
रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय 09:23 पी एम से 12:35 ए एम, फरवरी 16
रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय 12:35 ए एम से 03:47 ए एम, फरवरी 16
रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय 03:47 ए एम से 06:59 ए एम, फरवरी 16


